Friday, 12 April 2013

मुझसे ये सौदा हो नहीं सकता


इलाजे दर्दे-दिल तुमसे मसीहा हो नहीं सकता
तुम अच्छा कर नहीं सकते, मैं अच्छा हो नहीं सकता
तुम्हें चाहूं तुम्हारे चाहने वालों को भी चाहूं?
मेरा दिल फेर दो मुझसे ये सौदा हो नहीं सकता

मुज्तर खैराबादी 

इलाजे दर्दे दिल- दिल के दर्द का इलाज। मसीहा- यहां अभिप्राय किसी भी तरह के वैद्य या इलाज करने वाले से है। ईसा मसीह भी लोगों को ठीक किया करते थे। इसी से दर्द का इलाज करने के लिए मसीहा शब्द का प्रयोग उर्दू शायरी में किया जाता है। फेरना- वापस करना। सौदा- यहां मतलब खरीदी-बिक्री वाले सौदे से है। वैसे सौदा का एक अर्थ जुनून भी होता है, मगर उर्दू में उसे अलग ढंग से लिखते हैं। अपने जमाने के विख्यात शायर मुज्तर खैराबादी जावेद अख्तर के दादा थे। 

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